युवाओं के लिए पीएम विकसित भारत रोजगार योजना

युवाओं के लिए पीएम विकसित भारत रोजगार योजना-‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है जिसे देश के युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और कंपनियों को नई भर्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

अक्सर सरकारी योजनाओं की जानकारी जटिल होती है लेकिन यहाँ मैंने आपके लिए इस योजना का पूरा विवरण दिया ताकि आप इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) क्या है?

यह केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में नए रोजगार के अवसर पैदा करना और कार्यबल (workforce) को औपचारिक क्षेत्र (Formal Sector) में लाना है। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 99,446 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

यह योजना मुख्य रूप से दो हिस्सों में विभाजित है-

भाग-A (Part A) – पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए।

भाग-B (Part B) – नई भर्तियां करने वाली कंपनियों (नियोक्ताओं) के लिए।

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प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना  मुख्य जानकारी एक नज़र में

  • लॉन्च की तिथि – 15 अगस्त 2025 (प्रभावी तिथि 1 अगस्त 2025) 
  • कुल बजट –  ₹99,446 करोड़ 
  • लक्ष्य – 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित करना 
  • प्रशासक – श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (EPFO के माध्यम से) 
  • अवधि –  2025 से 2027 तक 

योजना का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का विजन भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में युवाओं को सशक्त बनाना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं

  • रोजगार सृजन – निजी क्षेत्र में 3.5 करोड़ से अधिक नई नौकरियों के अवसर पैदा करना।
  • औपचारिकीकरण – असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को EPFO कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के दायरे में लाकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
  • कौशल विकास – पहली बार नौकरी करने वालों को काम के दौरान सीखने (Learning Curve) में आर्थिक मदद देना।
  • विनिर्माण (Manufacturing) को बढ़ावा – मेक इन इंडिया को मजबूत करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन देना।

यह योजना क्यों लाभदायक है युवाओं के लिए 

भाग-A, यदि आप पहली बार किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू कर रहे हैं तो यह योजना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

15,000 रुपये की सीधी मदद – पहली बार EPFO में पंजीकृत होने वाले युवाओं को सरकार अधिकतम 15,000 रुपये का प्रोत्साहन देगी। यह राशि आपके एक महीने के वेतन बेसिक + DA के बराबर होगी।

  • किस्तों में भुगतान – यह पैसा सीधे आपके बैंक खाते (DBT) में दो किस्तों में आएगा।
  • पहली किस्त – नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर।
  • दूसरी किस्त – नौकरी के 12 महीने पूरे होने और एक ऑनलाइन फाइनेंशियल लिटरेसी वित्तीय साक्षरता कोर्स पूरा करने पर।
  • बचत की आदत – सरकार इस प्रोत्साहन राशि का कुछ हिस्सा अनिवार्य बचत खाते में रख सकती है जिससे युवाओं में भविष्य के लिए बचत करने की आदत विकसित हो।
  • सामाजिक सुरक्षा –  EPFO में जुड़ने से आपको भविष्य निधि (PF) पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं स्वत मिलनी शुरू हो जाती हैं।

क्यों अच्छी है यह योजना कंपनियों के लिए

भाग-B, कंपनियों के लिए नई भर्ती करना अक्सर महंगा होता है। सरकार इस बोझ को कम करने के लिए कंपनियों को सब्सिडी के रूप में मदद देती है।

  • प्रति कर्मचारी ₹3,000 का प्रोत्साहन – यदि कोई कंपनी नए कर्मचारियों पुराने और नए दोनों तरह के की भर्ती करती है, तो सरकार कंपनी को 3,000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन देगी।
  • 2 साल तक सहायता – सामान्य क्षेत्रों में यह लाभ 2 साल तक मिलेगा।
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए विशेष लाभ – अगर कंपनी मैन्युफैक्चरिंग विनिर्माण क्षेत्र में है तो यह प्रोत्साहन 4 साल तक दिया जाएगा।
  • लागत में कमी –  कंपनियों के लिए लेबर कॉस्ट कम हो जाती है, जिससे वे अपना बिजनेस बढ़ाने पर ध्यान दे पाती हैं।

पात्रता मानदंड (Eligibility)

योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है-

कर्मचारियों के लिए

  • पहली नौकरी –  कर्मचारी का पहली बार EPFO में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए UAN पहले से न हो।
  • वेतन सीमा – कर्मचारी का मासिक वेतन 1,00,000 रुपये से कम होना चाहिए।
  • नौकरी की अवधि – योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 6 महीने तक उसी कंपनी में बने रहना अनिवार्य है।

कंपनियों के लिए

  • EPFO पंजीकरण – कंपनी का EPFO में पंजीकृत होना जरूरी है।
  • भर्ती का कोटा –  यदि कंपनी में 50 से कम कर्मचारी हैं तो कम से कम 2 नई भर्तियां करनी होंगी। यदि 50 से अधिक कर्मचारी हैं तो कम से कम 5 नई भर्तियां करनी होंगी।
  • बेसलाइन – 1 अगस्त 2025 से पहले की कर्मचारी संख्या को आधार (Baseline) माना जाएगा। लाभ केवल अतिरिक्त कर्मचारियों पर ही मिलेगा।

आवेदन प्रक्रिया- लाभ लेने के लिए क्या करना होगा

इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी भी कर्मचारी को अलग से कोई जटिल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है।

  • स्वचालित ट्रैकिंग (Automatic) – जब कोई कंपनी किसी नए कर्मचारी को नियुक्त करती है और उसका पहली बार EPFO (UAN) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करती है तो सिस्टम ऑटोमैटिक रूप से पात्रता की जांच कर लेता है।
  • Aadhaar Linking – कर्मचारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका आधार कार्ड उसके बैंक खाते और UAN से लिंक है।
  • Face Authentication – उमंग ऐप(UMANG App) पर जाकर फेस ऑथेंटिकेशन या बायोमेट्रिक सत्यापन करना पड़ सकता है।
  • नियोक्ता का पंजीकरण –  कंपनी के मालिक HR को EPFO के आधिकारिक पोर्टल (pmvbry.epfindia.gov.in) पर जाकर अपनी संस्था का एक बार पंजीकरण (One-time Enrollment) करना होगा।
  • नियमित फाइलिंग – कंपनी को हर महीने अपना ECR (Electronic Challan cum Return) समय पर जमा करना होगा।

महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए

  • समय सीमा – यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच की गई भर्तियों पर लागू है।
  • ऑनलाइन कोर्स – युवाओं को दूसरी किस्त पाने के लिए एक छोटा सा डिजिटल वित्तीय साक्षरता कोर्स करना होगा, जो मुफ्त है।
  • पारदर्शिता – सारा पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से जाता है इसलिए भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं है।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केवल एक आर्थिक सहायता नहीं बल्कि युवाओं के करियर की मजबूत शुरुआत की एक नींव है। यह युवाओं को संगठित क्षेत्र से जोड़कर उनके भविष्य को सुरक्षित करती है और साथ ही देश के औद्योगिक विकास को गति प्रदान करती है।

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