
आयुष्मान भारत योजना (AB-PMJAY)- भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य बीमा कवरेज के लिए
आयुष्मान भारत योजना -भारत सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है।
क्या है आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना जिसे PM-JAY के नाम से भी जाना जाता है, एक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच है। यह योजना मुख्य रूप से देश के उस वर्ग के लिए है जो महंगे इलाज के कारण कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। यह एक कैशलेस और पेपरलेस योजना है जिसमें लाभार्थी को अस्पताल में भर्ती होने पर एक भी पैसा नहीं देना पड़ता।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना क्या है जानिए क्या है इसका मुख्य उद्देश्य
कब शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना
इस योजना की घोषणा 2018 के बजट में की गई थी लेकिन इसे औपचारिक रूप से 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रांची (झारखंड) से लॉन्च किया गया था।
इसकी सीमा (Limit) कितनी है?
- वार्षिक कवरेज – प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज।
- परिवार की संख्या – इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र पर कोई सीमा नहीं है। परिवार का एक सदस्य या सभी सदस्य मिलकर इस राशि का उपयोग कर सकते हैं।
- नवीनीकरण – यह ₹5 लाख की सीमा हर साल 1 अप्रैल को स्वतः रिन्यू (Renew) हो जाती है।
क्या-क्या कवर करती है आयुष्मान भारत योजना
आयुष्मान भारत योजना के तहत 1,900 से अधिक मेडिकल प्रोसीजर और ट्रीटमेंट शामिल हैं
- भर्ती से पहले और बाद का खर्च – अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की जांचें और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयां व फॉलो-अप।
- गंभीर बीमारियां – कैंसर (कीमोथेरेपी/रेडियोथेरेपी), दिल की बीमारी, किडनी प्रत्यारोपण, घुटने का रिप्लेसमेंट, मोतियाबिंद, और अन्य बड़ी सर्जरी।
- डायग्नोस्टिक सेवाएं – एक्स-रे, एमआरआई, सीटी स्कैन और लैब टेस्ट।
- पहले से मौजूद बीमारियां – अधिकांश बीमा पॉलिसियों के विपरीत, इसमें पहले दिन से ही सभी पुरानी बीमारियां (Pre-existing diseases) कवर होती हैं।
सरकारी और प्राइवेट अस्पताल – कार्यक्षेत्र
यह योजना सरकारी और चुनिंदा प्राइवेट दोनों तरह के अस्पतालों में समान रूप से कार्य करती है।
- देश भर में 33,000 से अधिक अस्पताल (लगभग 17,600+ सरकारी और 15,300+ निजी) इस योजना के तहत सूचीबद्ध (Empaneled) हैं।
- लाभार्थी किसी भी राज्य में हो वह अपने कार्ड का उपयोग देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में कर सकता है (पोर्टेबिलिटी की सुविधा)।
आयुष्मान भारत योजना से जरूरतमंद और मध्यम वर्ग को फायदे
- गरीब वर्ग के लिए – यह योजना उन 40% परिवारों को कवर करती है जो आर्थिक रूप से सबसे कमजोर हैं। उन्हें अब इलाज के लिए जमीन या जेवर नहीं बेचने पड़ते।
- वरिष्ठ नागरिकों (70+) के लिए – हाल ही में सरकार ने घोषणा की है कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को (चाहे उनकी आय कुछ भी हो) ₹5 लाख का अतिरिक्त सुरक्षा कवच मिलेगा।
- मध्यम वर्ग के लिए – जो मध्यम वर्गीय परिवार SECC डेटाबेस के तहत आते हैं या वरिष्ठ नागरिक श्रेणी में हैं उन्हें निजी अस्पतालों में महंगा इलाज मुफ्त मिलता है।
अब तक का प्रभाव और सरकारी खर्च
लाभार्थियों की संख्या – अब तक 35 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। लगभग 6 करोड़ से अधिक लोग इस योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं।
सरकारी खर्च (बजट) – वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने इस योजना के लिए लगभग ₹9,406 करोड़ का बजट आवंटित किया है। योजना की शुरुआत से अब तक परिवारों के ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक की बचत हुई है।
क्यों महत्वपूर्ण है आयुष्मान भारत योजना हमारे लिए
वित्तीय सुरक्षा – एक गंभीर बीमारी मध्यम वर्गीय परिवार को गरीबी रेखा के नीचे धकेल सकती है। यह योजना उस जोखिम को खत्म करती है।
गुणवत्तापूर्ण इलाज – गरीब व्यक्ति को भी बड़े प्राइवेट अस्पतालों में वही इलाज मिलता है जो एक अमीर व्यक्ति को मिलता है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता – मुफ्त इलाज की सुविधा होने से लोग बीमारी को छिपाते नहीं हैं और समय पर अस्पताल पहुँचते हैं।
आयुष्मान भारत योजना का लाभ कैसे उठाएं
अगर आप पात्र हैं तो लाभ उठाना बहुत सरल है-
पात्रता जांचें – beneficiary.nha.gov.in पर जाकर अपना मोबाइल नंबर और आधार दर्ज करके चेक करें कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं।
आयुष्मान कार्ड बनाएं – पात्रता होने पर आप नजदीकी CSC (जन सेवा केंद्र) या किसी भी सूचीबद्ध सरकारी अस्पताल में जाकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं।
अस्पताल में प्रक्रिया – अस्पताल में ‘आयुष्मान मित्र’ के पास जाएं। वे आपके कार्ड और आधार को वेरीफाई करेंगे और आपका इलाज पूरी तरह कैशलेस शुरू हो जाएगा।

आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड (पात्रता के सत्यापन के लिए)
- सक्रिय मोबाइल नंबर
यह योजना भारतीय स्वास्थ्य सेवा के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम है जिसका उद्देश्य देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है।
